आस्था के केंद्र में बवाल! पिरान कलियर दरगाह परिसर में मारपीट का वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल (देखे वीडियो)
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पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत साबिर पाक के परिसर से जुड़ा एक कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वायरल वीडियो में कुछ युवक आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो दरगाह के परिसर का है, जहां बड़ी संख्या में जायरीन और स्थानीय लोग मौजूद रहते हैं। वीडियो सामने आने के बाद जायरीनों और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की घटनाएं न केवल जायरीनों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि दरगाह की गरिमा को भी प्रभावित करती हैं।

देश-विदेश से आने वाले जायरीनों की सुरक्षा पर चिंता
दरगाह हजरत साबिर पाक में प्रतिदिन हजारों की संख्या में देश-विदेश से जायरीन पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में मारपीट जैसी घटनाओं की खबरें सामने आना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इस धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो मारपीट में शामिल युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से हस्तक्षेप की अपील
स्थानीय नागरिकों और जायरीनों ने रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ से मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए दरगाह परिसर में पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने की मांग की है।

आस्था की गरिमा और सुरक्षा दोनों जरूरी
दरगाह हजरत साबिर पाक करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में परिसर में होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसक घटना धार्मिक माहौल और जायरीनों की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को मामले की सच्चाई सामने लाकर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में दरगाह परिसर में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।