logo
Breaking News
● एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर लक्सर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, एक दिन में दो बड़ी सफलताएं ● श्री विश्वकर्मा सभा, भेल ने मनाया भव्य परिवार मिलन एवं सांस्कृतिक समारोह ● मौसम अली ने सहारनपुर की ऐतिहासिक मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल ● बारिश बनी काल! पुलिया पर खेल रही 6 साल की मासूम तेज बहाव में बही, लापता ● 500 CCTV कैमरों की पड़ताल के बाद खुला वाहन चोर गिरोह का राज, 19 चोरी की बाइक बरामद ● जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचे गन्ना विभाग के अधिकारी, किसानों को दिए जल निकासी के सुझाव ● गौकशी पर पथरी पुलिस का सख्त एक्शन, 16 पुराने आरोपी थाने बुलाकर किए गए तस्दीक ● हरिद्वार में गैंगवार की बड़ी साजिश टली, दो पिस्टल और 10 कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार ● आकांक्षा नेगी के बयान पर पंजाबी समाज में उबाल, 48 घंटे का अल्टीमेटम ● एसएसपी का बड़ा एक्शन! हरिद्वार पुलिस में 76 पुलिसकर्मियों के तबादले ● ऑपरेशन प्रहार का बड़ा वार! रानीपुर पुलिस ने दबोचे 4 आरोपी, मारपीट और धमकीकांड का खुलासा ● ईदगाह चौक पर खूनी हादसा! ● 758वें सालाना उर्स में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, ठेकेदार के भुगतान पर रोक और जांच की मांग (देखे वीडियो) ● ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस का बड़ा एक्शन, फायरिंग मामले में आरोपी गिरफ्तार ● हरिद्वार पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 15 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले
उत्तराखंड

मौसम अली ने सहारनपुर की ऐतिहासिक मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल

✍ Javed Ansari 🕒 08 Sep 2026, 01:18 PM
मौसम अली ने सहारनपुर की ऐतिहासिक मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल

अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻

 

पिरान कलियर। समाजवादी नेता मौसम अली ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 100 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद के बुलडोजर से ध्वस्तीकरण के मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजा है।


ज्ञापन में मौसम अली ने कहा कि सहारनपुर में ऐतिहासिक मस्जिद को प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई के माध्यम से ध्वस्त किए जाने की घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों में रोष है। उन्होंने आरोपों और उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए कहा कि मस्जिद को रातों-रात ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई की गई और संबंधित पक्ष को अपनी बात रखने तथा कानूनी अधिकारों का प्रयोग करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। उन्होंने विशेष रूप से इस बात की जांच की मांग की कि कार्रवाई छुट्टी वाले दिन क्यों की गई और ध्वस्तीकरण से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।


मौसम अली ने ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया कि संबंधित पक्ष को न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि मामले में कोई कानूनी विवाद या प्रशासनिक आदेश था तो संबंधित पक्ष को कानून के अनुरूप उचित अवसर मिलना चाहिए था।


उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह पता लगाया जाए कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत की गई।


ज्ञापन में मस्जिद के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सामाजिक महत्व की भी जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही, यदि जांच में किसी अधिकारी या व्यक्ति द्वारा कानून, नियमों अथवा न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।


मौसम अली ने भविष्य में किसी भी धार्मिक अथवा ऐतिहासिक स्थल के संबंध में कार्रवाई से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया और न्याय के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति इस गंभीर एवं संवेदनशील मामले का संज्ञान लेकर उचित हस्तक्षेप करेंगी और संबंधित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Comments (0)