HRDA की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुराज सेवादल का प्रदर्शन, उच्चस्तरीय जांच की मांग(देखे वीडियो)
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की कार्यप्रणाली को लेकर सुराज सेवादल ने सोमवार को मोर्चा खोलते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन कर कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नक्शा स्वीकृति, भवन निर्माण अनुमति, भूमि उपयोग परिवर्तन और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्राधिकरण से जुड़े मामलों को लेकर जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

सुराज सेवादल ने HRDA के उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की प्रथमदृष्टया संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
संगठन ने नक्शा और भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक देरी और कथित मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। प्रत्येक आवेदन की ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था प्रभावी करने और आवेदकों को उनकी फाइल की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई।

भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में भी स्पष्ट नियम और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अवैध निर्माण पर समान कार्रवाई की मांग
धरने के दौरान अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार के भेदभाव का आरोप न लगे, इसके लिए समान नियम लागू करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई में भी सभी के लिए एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए।
“व्यक्ति विशेष नहीं, व्यवस्था में सुधार हमारा मुद्दा”
सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से जुड़े मामलों में जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि नियम सभी के लिए समान हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को नियमानुसार ही चार्ज दिया जाना चाहिए, ताकि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े न हों।

समयबद्ध शिकायत निस्तारण की मांग
ज्ञापन में लंबित शिकायतों और आवेदनों के निस्तारण के लिए निर्धारित समयसीमा तय करने, प्रभावी जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति की जानकारी देने की मांग भी की गई।
संगठन ने HRDA के महत्वपूर्ण निर्णयों, स्वीकृतियों और विकास कार्यों में जनहित और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
धरना-प्रदर्शन में अतीश मिश्रा, विजेंद्र राघव, सोनम, वंदना, हिमानी अग्रवाल, नेहा, मंजू चौहान, प्रवीण अग्रवाल, राहुल, इंतजार अलीम, नौशाद, सुंदर, अजय, नरेंद्र, विनोद राणा, इरफान हाजी, फिरोज, रईस सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।