फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच की मांग, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन (देखे वीडियो)
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हरिद्वार। जिले में कथित तौर पर फर्जी, कूटरचित अथवा संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल की शिकायतों को लेकर सुराज सेवा दल ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट, हरिद्वार को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन के संज्ञान में यह मामला आया है कि हरिद्वार जनपद में कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से फर्जी, कूटरचित अथवा संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्रों का उपयोग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि ऐसे प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल सरकारी अथवा गैर-सरकारी सेवाओं, पदों, नियुक्तियों, शैक्षिक प्रवेश, लाभ अथवा किसी अन्य वैधानिक प्रक्रिया में किया गया है, तो इससे वास्तविक एवं योग्य प्रमाण पत्र धारकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

सुराज सेवा दल ने मांग की है कि संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्रों से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। जिन प्रमाण पत्रों पर संदेह है, उनका संबंधित विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, बोर्ड अथवा सक्षम शैक्षिक संस्था से सत्यापन कराया जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि कोई प्रमाण पत्र फर्जी, कूटरचित अथवा अभिलेखों से भिन्न पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। यदि ऐसे प्रमाण पत्रों के आधार पर किसी व्यक्ति ने सरकारी नौकरी, पद, नियुक्ति, शैक्षिक प्रवेश या अन्य सरकारी लाभ प्राप्त किया है तो संबंधित विभाग अथवा संस्था को भी नियमानुसार अवगत कराने की मांग की गई है।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमाण पत्रों के सत्यापन एवं जांच की प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के साथ पक्षपात न किया जाए और सभी मामलों की जांच उपलब्ध अभिलेखों एवं प्रमाणित तथ्यों के आधार पर की जाए। यदि जांच में किसी शैक्षिक संस्था, दलाल अथवा अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन में जांच की स्थिति एवं की गई कार्रवाई से सुराज सेवा दल को नियमानुसार अवगत कराने का भी अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन पर सुराज सेवा दल के जिला संगठन मंत्री नितिन कटारिया सहित प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नाम दर्ज हैं तथा अन्य पदाधिकारियों/कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी किए गए हैं। ज्ञापन की तारीख 24 सितंबर 2026 अंकित है।