हरिद्वार में विवादित धार्मिक कार्यक्रम पर रोक: कांवड़ मेले के बीच सलीम वास्तिक की मौजूदगी से बढ़ी हलचल (देखे वीडियो)
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हरिद्वार। कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में कथित संत राम विशाल दास द्वारा आयोजित किए जाने वाले एक धार्मिक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शहर की एक धर्मशाला में प्रस्तावित यज्ञ-अनुष्ठान को संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था की आशंका के चलते धर्मशाला प्रबंधन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि परिसर में ऐसा कोई आयोजन नहीं होने दिया जाएगा जिससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित हो या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।

जानकारी के अनुसार, खुद को पूर्व मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक सहित कुछ लोगों को राम विशाल दास ने हरिद्वार बुलाया था। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में सलीम वास्तिक ने कथित तौर पर कहा कि "अब हरकी पैड़ी पर धावा बोलेंगे, हरकी पैड़ी जनता की पैड़ी है।" इस बयान के सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
सलीम वास्तिक का नाम पहले भी दिल्ली के एक चर्चित अपहरण और हत्या के मामले में सामने आ चुका है।
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस मामले में उन पर आरोप लगे थे और उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। ऐसे में कांवड़ मेले जैसे संवेदनशील अवसर पर उनके हरिद्वार पहुंचने को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सावन और कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे समय में किसी भी प्रकार के विवादित आयोजन या उत्तेजक बयान से धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
उधर, पुलिस और प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति आयोजन करने, भड़काऊ भाषण देने या कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे तथ्य सामने आते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल धर्मशाला में प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।