दो बार मिली नाकामी, तीसरी बार रचा इतिहास: पिरान कलियर की नेहा ने NEET में AIR-2042 हासिल कर बढ़ाया क्षेत्र का गौरव
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पिरान कलियर। कलियर की होनहार बेटी नेहा ने लगातार दो बार असफलता का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। तीसरे प्रयास में शानदार वापसी करते हुए NEET-UG परीक्षा में 642 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2042 हासिल की और पूरे क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया।
हार नहीं मानी, हौसलों से लिखी सफलता की नई इबारत।
डॉक्टर बनने का सपना लेकर नेहा ने दिल्ली में रहकर दिन-रात कठिन मेहनत की। पहले दो प्रयासों में सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। हर असफलता से सीख लेकर तैयारी को और मजबूत किया। आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया।
परिवार का भरोसा और त्याग बना सफलता की सबसे बड़ी ताकत
नेहा के पिता लकड़ी के व्यवसाय से जुड़े हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी की शिक्षा और सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। परिवार ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया। उनके चाचा निजी विद्यालय का संचालन करते हैं और पूरे परिवार का शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण नेहा की सफलता की मजबूत नींव बना।

पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल, लोगों ने दी शुभकामनाएं
नेहा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद पिरान कलियर और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, गणमान्य लोगों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

विधायक फुरकान अहमद ने घर पहुंचकर किया सम्मानित
स्थानीय विधायक फुरकान अहमद ने नेहा के आवास पहुंचकर पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनकी सफलता पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नेहा ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणा बनी नेहा
नेहा की सफलता यह संदेश देती है कि असफलता मंजिल का अंत नहीं, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक पड़ाव होती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास मजबूत हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी सपना असंभव नहीं रहता।