रुड़की: झूठी हत्या की पटकथा का पर्दाफाश, बेगुनाहों को फंसाने की साजिश नाकाम; मृतक के साथी ही निकले आरोपी
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रुड़की। मंगलौर क्षेत्र के बूढ़पुर जट में हुए चर्चित सौरभ हत्याकांड में हरिद्वार पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पूरे मामले की तस्वीर ही बदल दी। जिस हत्या के आरोप में तीन लोगों को नामजद किया गया था, वे जांच में निर्दोष निकले, जबकि मृतक के साथ मौजूद उसके दोस्त ही साजिश के आरोपी बन गए। पुलिस की गहन विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने झूठी कहानी की परतें खोल दीं।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की। मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 11 जुलाई को बूढ़पुर जट के खेत में सौरभ पुत्र राजेंद्र को गोली लगने की सूचना मिली थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शुरुआती शिकायत के आधार पर रोबिन, अनुज और प्रदुमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
तमंचा जांचते समय चली गोली, खुद की हरकत बनी मौत की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक पक्ष और दूसरे पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन सौरभ अपने साथियों के साथ तमंचा लेकर विरोधी पक्ष से झगड़ा करने की नीयत से गांव पहुंचा था। खेत में तमंचा खोलकर देखते समय अचानक गोली चल गई, जो सीधे सौरभ को जा लगी और उसकी मौत हो गई।
निर्दोषों को फंसाने के लिए रची गई थी झूठी कहानी
घटना के बाद सौरभ के साथियों ने खुद को बचाने और पुरानी रंजिश का फायदा उठाकर विरोधी पक्ष के लोगों को हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची। पुलिस को झूठी सूचना देकर रोबिन, अनुज और प्रदुमन पर गोली मारने का आरोप लगाया गया। हालांकि तकनीकी साक्ष्य, स्वतंत्र गवाहों और घटनास्थल से मिले सबूतों ने पूरी सच्चाई सामने ला दी।

तीन आरोपी गिरफ्तार, तमंचा और कारतूस बरामद
जांच के बाद पुलिस ने सुमित पुत्र सुखबीर निवासी शकपुर थाना पुरकाजी (उत्तर प्रदेश), डिम्पल पुत्र नाहर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर और आशीष पुत्र बिंदर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, खोखा कारतूस और मृतक की पैंट भी बरामद की गई। मामले में हत्या की धारा में संशोधन करते हुए गैर इरादतन हत्या की धाराएं लागू की गई हैं।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुमित के खिलाफ उत्तर प्रदेश के पुरकाजी थाने में आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं डिम्पल के खिलाफ सिडकुल थाने में भी आपराधिक मामला दर्ज है।

इन पुलिसकर्मियों ने सुलझाई गुत्थी
पूरे मामले का खुलासा प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर के नेतृत्व में गठित टीम ने किया। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह मान, उपनिरीक्षक आनंद मेहरा, कांस्टेबल पंकज, सुधीर, रणवीर, रोशन और पप्पू कश्यप शामिल रहे।