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उत्तराखंड

हलाला के खिलाफ उत्तराखंड में पहली कानूनी जंग, पीड़िता के घर पहुंचीं आयोग उपाध्यक्ष फरजाना बेगम (देखे वीडियो)

✍ Super Admin 🕒 15 May 2026, 07:52 PM
हलाला के खिलाफ उत्तराखंड में पहली कानूनी जंग, पीड़िता के घर पहुंचीं आयोग उपाध्यक्ष फरजाना बेगम (देखे वीडियो)

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हरिद्वार। उत्तराखंड में हलाला जैसी कुप्रथा के खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता से मिलने आज उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम गांव बांद्रजूर्द बुग्गावाला पहुंचीं। फरजाना बेगम ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

फरजाना बेगम ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकारों से होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का फैसला ऐतिहासिक कदम है, जिससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं से राहत मिलेगी।

फरजाना बेगम  ने साफ कहा कि हलाला और तीन तलाक जैसी प्रथाएं महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों पर सीधा हमला हैं। ऐसे में इनके खिलाफ आवाज उठाना बेहद जरूरी है। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उसका यह कदम समाज की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

“कुप्रथा के नाम पर अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं”
अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार और आयोग पीड़िता के साथ मजबूती से खड़े हैं और मामले में निष्पक्ष व त्वरित न्याय सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परंपरा या कुप्रथा के नाम पर महिलाओं के साथ किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

फरजाना बेगम ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार कार्य कर रही है। UCC लागू होने से महिलाओं को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और समाज में समानता तथा न्याय की भावना मजबूत होगी।

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