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उत्तराखंड

समान नागरिक संहिता इस्लाम विरोधी नहीं, महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम : मुफ़्ती शमून क़ासमी

✍ Super Admin 🕒 18 May 2026, 04:15 PM
समान नागरिक संहिता इस्लाम विरोधी नहीं, महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम : मुफ़्ती शमून क़ासमी

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रुड़की। उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून क़ासमी ने जनपद हरिद्वार के ग्राम बंदरजूड का दौरा कर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत दर्ज हलाला के पहले मामले से जुड़ी पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्यायिक प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग और संवैधानिक अधिकारों के प्रति आश्वस्त किया।

मुफ़्ती शमून क़ासमी ने कहा कि उत्तराखण्ड में लागू समान नागरिक संहिता महिलाओं की गरिमा, समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ साहसिक कदम उठाया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “समान नागरिक संहिता इस्लाम विरोधी नहीं है।

इस्लाम महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और न्याय प्रदान करने की शिक्षा देता है। हलाला और तत्काल तीन तलाक जैसी कुप्रथाएँ महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के विपरीत हैं। मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक समानता के लिए जो कदम उठाया है, वह सराहनीय और ऐतिहासिक है।”
क़ासमी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व को युवा, ऊर्जावान, पारदर्शी और जनकल्याणकारी बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू समान नागरिक संहिता संविधान की भावना के अनुरूप है और इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार एवं समान न्याय उपलब्ध कराना है। समाज को धर्म के नाम पर चल रही कुप्रथाओं और शोषणकारी प्रथाओं के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी अध्यक्ष का स्वागत किया तथा क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षिक मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर मुफ़्ती शमून क़ासमी ने सामाजिक सद्भाव, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

बाद में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त शमून क़ासमी ने अंतरराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलोरी के रुड़की स्थित आवास पहुंचकर उन्हें उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर बधाई दी और अभिनंदन किया।
इस अवसर पर सलमान फरीदी, इमरान देशभक्त, सैयद नफीसुल हसन और बिट्टन त्यागी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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