सिकरी शरीफ में धूमधाम से मनाया गया 57वां उर्स-ए-मुबारक और जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी, मौलाना उमर लतीफ़ी ने दिया अमन और भाईचारे का पैगाम
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मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। मुज़फ्फरनगर के निकट ऐतिहासिक धार्मिक स्थल सिकरी शरीफ में हज़रत बाबा क़ारी अब्दुल लतीफ़ रहमतुल्लाह अलैह का 57वां उर्स-ए-मुबारक और जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी अकीदत और एहतराम के साथ आयोजित किया गया। 19 अक्टूबर को ख़ानक़ाह-ए-लतीफ़िया के सज्जादगान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे उलमा-ए-किराम, मशायख़ और बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल हुए।
कार्यक्रम में मशहूर इस्लामी वक्ता हज़रत सैयद अमीनुल क़ादरी साहब ने विशेष रूप से शिरकत की। वहीं, उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक संस्थान दारुल उलूम क़ादरिया साबरिया बरकाते रज़ा, पीरान कलियर शरीफ के कई उस्ताज़ा-ए-किराम भी कार्यक्रम में पहुंचे। दरगाह साबिर पाक की ओर से अली शाह मियां ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

इस दौरान सैयद अमीनुल क़ादरी साहब की मुलाकात ख़ानक़ाह-ए-लतीफ़िया सिकरी शरीफ के सज्जादानशीन एवं नबीरा-ए-साबरी बुलबुल हज़रत मौलाना उमर लतीफ़ी साहब से हुई। मुलाकात के बाद दोनों हस्तियों ने दरगाह-ए-साबरी बुलबुल पर हाज़िरी देकर फ़ातिहा-ख़्वानी की और फिर जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की महफ़िल में शिरकत की।
मौलाना उमर लतीफ़ी ने दिया अमन और एकता का संदेश
महफ़िल को संबोधित करते हुए मौलाना उमर लतीफ़ी साहब ने लोगों को अमन, मोहब्बत, भाईचारे और आपसी सौहार्द का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और एकता बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आपसी प्रेम, सम्मान और सद्भाव के जरिए ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से आपसी मतभेदों को भुलाकर मोहब्बत और भाईचारे के साथ रहने की अपील की। उनके संबोधन को महफ़िल में मौजूद लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना।

देशभर से पहुंचे उलमा और अकीदतमंद
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए उलमा-ए-किराम, मशायख़ और अकीदतमंदों की मौजूदगी से पूरी महफ़िल में रूहानियत और उत्साह का माहौल बना रहा। उर्स और जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस तरह हज़रत बाबा क़ारी अब्दुल लतीफ़ रहमतुल्लाह अलैह का 57वां उर्स-ए-मुबारक और जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मौलाना उमर लतीफ़ी साहब का शांति और सद्भाव पर दिया गया संदेश विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।