मंगलौर में सुराज सेवा दल को पुलिस ने रोका, अमित शाह को ज्ञापन देने जा रहे कार्यकर्ताओं का हंगामा
हरिद्वार/मंगलौर। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के जनपद हरिद्वार दौरे के दौरान शनिवार को मंगलौर में राजनीतिक हलचल देखने को मिली। अंकिता भंडारी हत्याकांड, प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार और अवैध खनन जैसे मुद्दों को लेकर सुराज सेवा दल के कार्यकर्ता गृहमंत्री को ज्ञापन देने हरिद्वार की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें मंगलौर में ही रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और मौके पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सुराज सेवा दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि सरकार जनता के मुद्दों का सामना करने से बच रही है।

नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
सुराज सेवा दल की नेता कावेरी जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सरकार की चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वे गृहमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करने जा रहे थे, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने से भी रोका जा रहा है।

देवेंद्र बिष्ट ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विपक्ष अपनी भूमिका निभाने में असफल रहा है, इसलिए सुराज सेवा दल जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरा है। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और खनन माफिया का दबदबा बढ़ता जा रहा है, जिस पर केंद्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिए।

इंतजार प्रधान ने कहा कि पुलिस के बल पर कार्यकर्ताओं को रोकना सरकार की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
काफी देर तक चली नोकझोंक के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद सुराज सेवा दल के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार, लंबित मामलों की जांच में तेजी और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और धरना समाप्त किया गया।
इस दौरान देवेंद्र बिष्ट, कावेरी जोशी, इंतजार प्रधान, रईस अहमद, नफीस अहमद खटका, साबिर राणा, नौशाद प्रधान, मुजफ्फर प्रधान, नदीम अहमद पीरपुरा, हाजी इरफान, उस्मान अली, सनावर अंसारी, जावेद अंसारी, आतिश मिश्रा, असलम बहादराबाद, हसन अली, हैदर खान, राव औरंगजेब, सोनू राव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।





