जिलानी बाबा का 16वां उर्स अकीदत के साथ संपन्न, दरगाह पर उमड़ा जनसैलाब

जिलानी बाबा का 16वां उर्स अकीदत के साथ संपन्न, दरगाह पर उमड़ा जनसैलाब


कलियर। साबिर-ए-पाक रह. के खास खादिम हजरत बाबा गुलाम शाह जिलानी साबरी चिश्ती का 16वां उर्स मुबारक इस वर्ष पूरे अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। हज कमेटी के पीछे स्थित उनकी दरगाह पर आयोजित इस उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों सूफी-संत और अकीदतमंदों ने शिरकत की।
3 अप्रैल से शुरू हुआ उर्स कार्यक्रम शनिवार को अपने समापन पर पहुंचा। इस दौरान बाद नमाज-ए-मगरिब गुस्ल की रस्म अदा की गई, जिसके बाद नात-ए-पाक की तिलावत और कुल शरीफ की रस्म पूरी अकीदत के साथ संपन्न हुई।


देर रात हजरत बाबा के खलीफा सूफी मौ. राशिद साबरी की खानगाह पर कुल शरीफ के साथ मेहफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पीरजादा परिवार के शाह यावर मियां की सरपरस्ती में आयोजित हुआ, जहां देश की अमन-शांति और खुशहाली के लिए खास दुआएं कराई गईं।


शाह यावर मियां ने कहा कि बाबाजी का उर्स न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम भी देता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मुरादाबाद और बरेली सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद यहां पहुंचे और दुआओं का फैज हासिल किया।
वहीं सूफी मौ. राशिद साबरी ने कहा कि उर्स में उमड़ी भीड़ और रौनक यह साबित करती है कि उनके पीर-ओ-मुर्शिद आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उन्होंने बताया कि सभी खलीफाओं ने मिलकर उर्स की तमाम रस्मों को पूरे अदब और एहतराम के साथ अंजाम दिया।


उर्स के दौरान लंगर का भी विशेष इंतजाम किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर सूफी शफीक साबरी, मनव्वर साबरी, नोमी प्रधान, शम्स अली, अनवर खान, फिरोज खान, मुस्तकीम बाबा, वरिष्ठ पत्रकार आसिफ अली, रियाज कुरैशी, अब्दुल समद साबरी, हाफिज उस्मान, सूफी यासीन साबरी चिश्ती, हैदर अली समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।