रुड़की में शिक्षा का ‘सौदा’! किताबों के साथ बैग खरीदने की जबरदस्ती, अभिभावकों में आक्रोश
रुड़की: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत जहां बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का समय होती है, वहीं रुड़की के ग्रामीण क्षेत्रों में यह दौर अभिभावकों के लिए आर्थिक शोषण का कारण बनता नजर आ रहा है। प्राइवेट स्कूलों और बुक सेंटरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां शिक्षा के नाम पर खुली ‘मनमानी’ सामने आ रही है।
ताजा मामला पिरान कलियर क्षेत्र का है, जहां एक अभिभावक ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर चौंकाने वाला खुलासा किया। अभिभावक के मुताबिक, जब वह सिविल लाइन स्थित केम्ब्रिज बुक सेंटर पर बच्चे की किताबें लेने पहुंचे, तो उन्हें साफ तौर पर कहा गया कि “सिर्फ किताबें नहीं मिलेंगी, बैग भी खरीदना अनिवार्य है।”
अभिभावक ने जब इस शर्त का विरोध किया, तो बुक सेंटर संचालक ने किताबें देने से ही इनकार कर दिया। बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो, इस डर से अभिभावक को मजबूरी में महंगे दामों पर बैग खरीदना पड़ा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित स्कूल का पूरा कोर्स सिर्फ उसी एक दुकान पर ही उपलब्ध बताया गया। यानी अभिभावकों के पास न तो कोई विकल्प है और न ही मोलभाव की गुंजाइश।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
क्या स्कूल और बुक सेंटर के बीच ‘फिक्स डील’ चल रही है?
क्या कमीशन के खेल में अभिभावकों की जेब काटी जा रही है?
और क्या शिक्षा अब सेवा नहीं, बल्कि मुनाफे का जरिया बनती जा रही है?
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, अभिभावकों को डर है कि कहीं यह मामला भी सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर न रह जाए।
स्थानीय अभिभावकों में भारी रोष है और वे मांग कर रहे हैं कि ऐसे स्कूलों और बुक सेंटरों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी भी अभिभावक को इस तरह की मजबूरी का सामना न करना पड़े।






