Haridwar:- बोर्ड परीक्षा में ‘मुन्ना भाई’ गैंग का भंडाफोड़ — 8 डमी अभ्यर्थी नकली चेहरों के साथ धराए, पैसों में बिक रही थी पास होने की गारंटी..!

Haridwar:- बोर्ड परीक्षा में ‘मुन्ना भाई’ गैंग का भंडाफोड़ — 8 डमी अभ्यर्थी नकली चेहरों के साथ धराए, पैसों में बिक रही थी पास होने की गारंटी..!

हरिद्वार: बोर्ड परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में असली परीक्षार्थियों की जगह डमी छात्र-छात्राएं परीक्षा देते पकड़े गए। राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर स्थित परीक्षा केंद्र से कुल 8 फर्जी अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 4 छात्र और 4 छात्राएं शामिल हैं। आरोपियों में एक नाबालिग छात्रा भी बताई जा रही है।

सतर्कता से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा....
मंगलवार को सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, रावली महदूद के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर बनाया गया था। परीक्षा शुरू होने के बाद कक्ष निरीक्षकों ने प्रवेश पत्र पर लगी फोटो और परीक्षा दे रहे छात्रों के चेहरों का मिलान किया, जिसमें कई अभ्यर्थियों की पहचान संदिग्ध लगी। पूछताछ में सख्ती करने पर सभी ने कबूल किया कि वे असली परीक्षार्थी नहीं हैं, बल्कि पैसों के लालच में दूसरों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे।

20 हजार रुपये में हुई थी डील.....
जांच में सामने आया कि प्रत्येक डमी अभ्यर्थी को 20-20 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। प्रवेश पत्रों पर अलग फोटो चस्पा कर मोहर लगाई गई थी, ताकि जांच में आसानी से पकड़ न हो सके। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार असली परीक्षार्थी निजी स्कूलों से आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं हैं, जिन्होंने अपनी जगह इन डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया था।

कई क्षेत्रों से जुड़े आरोपी....
पकड़े गए डमी अभ्यर्थी लक्सर, भगवानपुर, ज्वालापुर, रुड़की और रावली महदूद क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। एक नाबालिग छात्रा के शामिल होने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

मुकदमा दर्ज, अंदरूनी भूमिका की भी जांच....
घटना की सूचना मिलते ही केंद्र व्यवस्थापक ने अधिकारियों को अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। संबंधित असली परीक्षार्थियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि प्रवेश पत्रों में फोटो बदलने और मोहर लगाने में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।