इमाम हुसैन (अ.स.) की विलादत पर उमर कॉलोनी में मोहब्बत का पैग़ाम, लंगर से दिखा सामाजिक सौहार्द

इमाम हुसैन (अ.स.) की विलादत पर उमर कॉलोनी में मोहब्बत का पैग़ाम, लंगर से दिखा सामाजिक सौहार्द


रुड़की। 3 शाबान (22 जनवरी) के मुबारक मौके पर मौला अली इब्ने अबी तालिब (अ.स.) के फरज़ंद, पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद ﷺ के लख़्ते-जिगर, नवासा-ए-रसूल और नौजवानाने जन्नत के सरदार, हक़, इंसाफ़ और कुर्बानी के अमर प्रतीक इमाम हुसैन (अ.स.) की विलादत पूरे अकीदत, एहतराम और खुशी के माहौल में मनाई गई।


इस पावन अवसर पर अंजुमन ग़ुलामाने मुस्तफ़ा सोसाइटी (रुड़की चैप्टर) की ओर से रामपुर रोड स्थित उमर कॉलोनी के बाहर एक विशाल आम लंगर का आयोजन किया गया। इस नेक पहल में हर धर्म और वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आसपास के नागरिकों, दुकानदारों और अंजुमन से जुड़े ज़िम्मेदार साथियों ने आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग दिया।


अंजुमन के सचिव कुंवर शाहिद ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) का जीवन इंसानियत, सब्र, त्याग और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े रहने की बेमिसाल मिसाल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे, मोहब्बत और इंसानी मूल्यों को मज़बूती देते हैं, और यही इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं का असली संदेश है।
लंगर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने राजमा-चावल और देसी घी के हलवे का प्रसाद ग्रहण किया और इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रति अपनी गहरी अकीदत और श्रद्धा प्रकट की। आयोजन स्थल पर आपसी सौहार्द, भाईचारे और इंसानियत की भावना साफ़ झलकती रही।


इमाम हुसैन (अ.स.) की शख़्सियत केवल इस्लामी इतिहास तक सीमित नहीं, बल्कि वे पूरी मानवता के लिए सत्य और असत्य के बीच फर्क करने वाली जीवंत मिसाल हैं। कर्बला की धरती पर उन्होंने अपने चंद साथियों और अहले-बैत के साथ ज़ुल्म, अन्याय और तानाशाही के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होकर इतिहास की सबसे महान मिसाल क़ायम की। उन्होंने यह पैग़ाम दिया कि हक़ की राह में दी गई कुर्बानी कभी ज़ाया नहीं जाती, बल्कि वह अमर हो जाती है।


कार्यक्रम के अंत में अंजुमन के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों, स्थानीय निवासियों और कार्यक्रम में शरीक तमाम लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया। यह आयोजन इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं को जीवन में उतारने की एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
इस मौके पर हैदर उर्स आसिफ अली, सुहैल ख़ान (कैटरर्स), सलमान अहमद, शहज़ाद अहमद, बिलाल ख़ान, राशिद अहमद (केबल ऑपरेटर), अमजद अली (ठेकेदार), रामपाल सिंह, साहिल मलिक, शादाब क़ुरैशी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द को मज़बूत करने वाला सराहनीय प्रयास बताया।