अलविदा जुम्मा अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न, मुल्क की तरक्की और अमन के लिए उठे हाथ
देश। शुक्रवार को रमज़ान के मुबारक महीने का आख़िरी जुम्मा, जिसे “अलविदा जुम्मा” कहा जाता है, पूरे देश में अकीदत और एहतराम के साथ अदा किया गया। मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने नमाज़-ए-जुम्मा अदा कर देश की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए खास दुआएं मांगीं।

सुबह से ही मस्जिदों में रौनक बढ़ने लगी थी। नमाज़ के दौरान इमामों ने रमज़ान की बरकतों, इंसानियत, भाईचारे और नेक राह पर चलने की अहमियत पर तकरीर की। उन्होंने लोगों को आपसी मोहब्बत, एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का पैगाम दिया।

नमाज़ के बाद नमाज़ियों ने हाथ उठाकर मुल्क में अमन-शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की। साथ ही, पूरी दुनिया में इंसानियत की हिफाज़त और बेहतर हालात की कामना भी की गई। कई जगहों पर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए मदद और खैरात का भी आयोजन किया गया।

अलविदा जुम्मा के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी, ताकि नमाज़ शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो सके। प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आए।

रमज़ान के इस आख़िरी जुम्मे ने एक बार फिर समाज में एकता, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया, और लोगों ने आने वाली ईद को लेकर भी खुशी और उत्साह जाहिर किया।





