56 करोड़ घोटाले में पटवारी पर कार्रवाई नहीं, सुराज सेवा दल ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी (देखे वीडियो)..
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में सामने आए बहुचर्चित 56 करोड़ रुपये के नगर निगम घोटाले को लेकर अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर जहां सरकार ने मामले में दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित कर कार्रवाई की है, वहीं इस पूरे प्रकरण का मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे पटवारी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सुराज सेवा दल ने जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन देकर आरोपी पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर आरोपी पटवारी को निलंबित कर जनपद से बाहर स्थानांतरित नहीं किया गया तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन और भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

संगठन द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि जनपद में तैनात पटवारी रमेश चंद्र का विवादों से पुराना संबंध रहा है। उनके खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 120B के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता करने के मामले में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।
सुराज सेवा दल का आरोप है कि उक्त पटवारी पिछले लगभग 20 से 25 वर्षों से एक ही जनपद में तैनात है, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि 56 करोड़ रुपये के घोटाले में संबंधित पटवारी ने मात्र एक ही दिन में धारा 143 की रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जिससे पूरे मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में है।

दल का कहना है कि राजस्व परिषद द्वारा भी पूर्व में इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन अब तक मौन साधे हुए है।
सुराज सेवा दल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि तीन दिनों के भीतर आरोपी पटवारी के खिलाफ निलंबन या सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास और प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।





