हरिद्वार भूमि घोटाले पर फूटा गुस्सा: सुराज सेवा दल ने खोला मोर्चा

हरिद्वार भूमि घोटाले पर फूटा गुस्सा: सुराज सेवा दल ने खोला मोर्चा

हरिद्वार। नगर निगम भूमि घोटाले को लेकर सुराज सेवा दल ने प्रशासन और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के इस घोटाले में अब तक न तो सरकारी धन की रिकवरी की गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रभावी कार्रवाई हुई है।

प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि नगर निगम भूमि घोटाले में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत सामने आने के बावजूद जांच को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कानूनगो, पटवारी और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी।


रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच करनी है तो जांच के दायरे में आए अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल अन्य जनपदों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो सके।

रमेश जोशी ने यह भी मांग की कि घोटाले में हुई करोड़ों रुपये की वित्तीय क्षति की रिकवरी सीधे दोषियों से कराई जाए। उनका कहना था कि सरकारी जमीन और सरकारी धन से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।

पत्रकार वार्ता में सचिव रणवीर चौहान से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए संगठन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। रमेश जोशी ने कहा कि यदि जांच एजेंसी ने किसी प्रकार की अनियमितताएं पाई हैं तो उसकी जानकारी जनता के सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।


सुराज सेवा दल ने संबंधित कानूनगो के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए कहा कि विवादित अधिकारियों की भूमिका की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। संगठन का कहना था कि जिन अधिकारियों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं, उनके मामलों को नजरअंदाज करना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।

संगठन ने जनपद में बढ़ते अवैध कब्जों के मामलों पर भी चिंता जताई। रमेश जोशी ने कहा कि बाहर रह रहे लोगों की जमीनों पर कब्जे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पीड़ित लंबे समय तक न्याय के लिए भटकते रहते हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती।

सुराज सेवा दल ने चेतावनी दी कि यदि भूमि घोटाले में दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी धन की रिकवरी जल्द शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन की ओर से बताया गया कि इसी मांग को लेकर 23 मई को राजस्व परिषद कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।