पिरान कलियर में जर्मन हैंगर लगाते समय हादसा, ऊंचाई से गिरकर मजदूर की मौत
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पिरान कलियर। साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले की तैयारियों के बीच पिरान कलियर में एक दर्दनाक हादसा हो गया। हज हाउस के सामने जायरीनों की सुविधा के लिए लगाए जा रहे जर्मन हैंगर में पाइप लगाने के दौरान करीब 38 वर्षीय मजदूर ऊंचाई से नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की स्थित सरकारी अस्पताल भेज दिया गया।

मृतक की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रामचंद्र पुत्र सुखपाल (38 वर्ष), निवासी रघुनाथ खेड़ा, थाना बछरावां, जिला रायबरेली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। बताया गया कि रामचंद्र पिरान कलियर में साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले को लेकर लगाए जा रहे जर्मन हैंगर में पाइप लगाने का काम कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक ऊंचाई से नीचे जमीन पर जा गिरा।
गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद जर्मन हैंगर लगाने वाले ठेकेदार की कार्यप्रणाली और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस ऊंचाई पर मजदूरों से काम कराया जा रहा था, वहां क्या पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे? क्या मजदूर को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? हादसे के बाद ये सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं।

ऊंचाई पर काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि हादसे के समय मजदूर के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद थे या नहीं और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

उर्स की तैयारियों के बीच हादसे ने बढ़ाई चिंता
साबिर पाक के सालाना उर्स को लेकर पिरान कलियर में इन दिनों तैयारियां तेजी से चल रही हैं। देशभर से आने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए जर्मन हैंगर, रैन बसेरे और अन्य व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। इसी बीच मजदूर की मौत के हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि जर्मन हैंगर लगाने के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का कितना पालन किया जा रहा था। यदि सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त सावधानियां बरती गई थीं तो हादसा कैसे हुआ, इसकी भी जांच जरूरी है।

जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की सरकारी अस्पताल भेज दिया है। हादसे के वास्तविक कारणों और कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों की स्थिति को लेकर जांच के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
उर्स जैसे बड़े आयोजन की तैयारियों के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर अलग-अलग कार्यों में जुटे हुए हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों के लिए यह जरूरी है कि ऊंचाई और जोखिम वाले सभी कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।