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प्रशासन

कलियर उर्स में अपने ही घर जाना मुश्किल! क्या पार्किंग ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए रोके जा रहे स्थानीय लोग?

✍ Javed Ansari 🕒 26 Aug 2026, 04:28 PM
कलियर उर्स में अपने ही घर जाना मुश्किल! क्या पार्किंग ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए रोके जा रहे स्थानीय लोग?

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पिरान कलियर। साबिर पाक के उर्स मेले के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं, लेकिन इसी बीच कलियर गांव के स्थानीय निवासियों को अपने ही घर तक पहुंचने में कथित तौर पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


क्षेत्रवासियों का आरोप है कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के चलते उन्हें कई स्थानों पर रोक दिया जाता है। लोगों का कहना है कि बाहर से नौकरी या रोजमर्रा के काम से लौटने के बाद उन्हें अपने ही गांव में प्रवेश करने में दिक्कत हो रही है। कई स्थानीय लोगों का दावा है कि आधार कार्ड या पहचान पत्र दिखाने के बावजूद उन्हें मुख्य रास्ते से घर जाने की अनुमति नहीं मिल रही।


जंगल और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने को मजबूर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मुख्य रास्ते से प्रवेश नहीं मिलने पर कई बार उन्हें मजबूरी में जंगल अथवा दूसरे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेकर अपने घर पहुंचना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन स्थानीय निवासियों की आवाजाही के लिए कोई स्पष्ट और सुगम व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि उन्हें अपने ही घर पहुंचने के लिए परेशान न होना पड़े।


क्या पार्किंग व्यवस्था के चलते बढ़ रही स्थानीय लोगों की परेशानी?
इसी बीच स्थानीय लोगों के बीच एक और सवाल उठ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उर्स के दौरान पार्किंग और यातायात व्यवस्था के नाम पर कई रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्किंग व्यवस्था या पार्किंग ठेकेदारों को सुविधा देने के चलते स्थानीय निवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है? हालांकि, पार्किंग व्यवस्था के कारण ही स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण है, यह स्पष्ट नहीं है। यह स्थिति प्रशासन के स्पष्टीकरण और मौके की वास्तविक व्यवस्था की जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के लिए रास्तों को नियंत्रित किया जा रहा है, तो स्थानीय निवासियों के लिए अलग प्रवेश और निकासी मार्ग क्यों नहीं बनाया गया? उनका सवाल है कि जिस व्यक्ति का घर कलियर में ही है, उसे अपने घर पहुंचने के लिए जंगल या दूसरे रास्तों का सहारा क्यों लेना पड़े?
हर साल उर्स के दौरान क्यों दोहराती है यही समस्या?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उर्स का आयोजन हर साल होता है और प्रशासन को पहले से पता रहता है कि मेले के दौरान कलियर के स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों के लिए स्थायी अथवा व्यवस्थित वैकल्पिक 
लोगों का कहना है कि जायरीनों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ-साथ स्थानीय लोगों के अधिकार और उनकी रोजमर्रा की आवाजाही का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।


स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि उर्स मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखते हुए कलियर  पहचान पत्र या आधार कार्ड के आधार पर स्थानीय लोगों को उनके घर तक जाने की सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें जंगल या जोखिम भरे वैकल्पिक रास्तों का सहारा न लेना पड़े।


अब बड़ा सवाल यही है कि उर्स की भीड़, सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था के बीच स्थानीय लोगों की परेशानी का समाधान कब होगा? क्या प्रशासन स्थानीय निवासियों के लिए अलग रास्ते की व्यवस्था करेगा, या फिर उन्हें हर साल अपने ही घर पहुंचने के लिए इसी तरह परेशानी उठानी पड़ेगी?

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