35 हजार की रिश्वत लेते पीआरडी अधिकारी गिरफ्तार, विजिलेंस ने ब्लॉक परिसर में दबोचा
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
मंगलौर। नारसन ब्लॉक में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब देहरादून से पहुंची सतर्कता विभाग (विजिलेंस) की टीम ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में पीआरडी के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को 35 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की अचानक हुई कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम मुंडियकी निवासी जोगिंदर ने सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि ब्लॉक से संबंधित एक काम कराने के एवज में पीआरडी के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप द्वारा उससे 35 हजार रुपये की मांग की जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

मंगलवार को देहरादून से पहुंची विजिलेंस टीम ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए नारसन ब्लॉक परिसर में जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक जैसे ही कथित तौर पर अधिकारी ने 35 हजार रुपये की रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने ब्लॉक परिसर में ही आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी। टीम द्वारा मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

विजिलेंस की कार्रवाई की खबर फैलते ही ब्लॉक परिसर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। फिलहाल मामले में सतर्कता विभाग की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक बयान का इंतजार है। इसके बाद रिश्वत प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।