रामलीला में भक्ति के बीच हुड़दंग पड़ा भारी, पथरी पुलिस ने नौ युवकों को हिरासत में लिया
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हरिद्वार। ग्राम शिवगढ़ में आयोजित रामलीला के दौरान हुड़दंग मचाना नौ युवकों को भारी पड़ गया। धार्मिक आयोजन में हंगामा कर शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोप में पथरी पुलिस ने नौ युवकों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने युवकों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनके नहीं मानने पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्कता बरत रही है। इसी क्रम में थाना पथरी पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम शिवगढ़ में आयोजित रामलीला के दौरान कुछ युवक हंगामा कर रहे हैं और माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों के साथ ही रामलीला में मौजूद अन्य लोगों ने भी युवकों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि युवक लगातार हुड़दंग करते रहे। शांति व्यवस्था भंग होने और किसी संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने नियमानुसार नौ युवकों को हिरासत में ले लिया।
धारीवाला के आठ और शिवगढ़ का एक युवक शामिल
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए नौ युवकों में आठ ग्राम धारीवाला के निवासी हैं, जबकि एक युवक ग्राम शिवगढ़ का रहने वाला है। युवकों की पहचान मुकुल (22), जतिन चौहान (19), अमरीश (26), विशाल (20), शुभम (19), आकाश (20), मनीष कुमार (21), विनीत कुमार (19) और अभिषेक (23) के रूप में हुई है। सभी थाना पथरी क्षेत्र, जनपद हरिद्वार के निवासी बताए गए हैं।

धार्मिक आयोजनों में हुड़दंग बर्दाश्त नहीं : पुलिस
थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हंगामा कर अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की इस कार्रवाई में अपर उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, कांस्टेबल जितेन्द्र पुंडीर, कांस्टेबल सुरेश रावत, कांस्टेबल सोहन राणा, होमगार्ड अजय कुमार और होमगार्ड इन्छाराम शामिल रहे।
पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।