पुश्तैनी संपत्ति के लालच में बेटी ने रची मां की हत्या की साजिश, प्रेमी के साथ मिलकर वारदात
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देहरादून/रायवाला। रायवाला क्षेत्र में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला खजानी देवी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज मृतका की बेटी शिल्पा थापा ने अपने प्रेमी शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर गठित पुलिस टीमों ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा रायवाला, ऋषिकेश, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 होटल एवं धर्मशालाओं की पड़ताल की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि मार्च 2026 में हरिद्वार के भूपतवाला स्थित एक होटल में शिल्पा की मुलाकात शिवनारायण से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। पुलिस के अनुसार शिल्पा ने शिवनारायण को बताया कि उसकी मां के नाम रानीपोखरी क्षेत्र के ग्राम काटल गडूल में कई बीघा पुश्तैनी जमीन है, लेकिन उसे जमीन में हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक शिल्पा ने शिवनारायण को गुमराह करते हुए अपनी मां खजानी देवी को उसकी सौतेली मां बताया और उसे भरोसा दिलाया कि मां को रास्ते से हटाने के बाद जमीन में उसका हिस्सा मिल जाएगा तथा जमीन बेचकर दोनों अपना घर बसा सकेंगे।
करीब 10 लाख रुपये के कर्ज में था आरोपी
पुलिस के अनुसार शिवनारायण पहले रुड़की के ढंढेरा फाटक क्षेत्र में बैटरी रिक्शा की एजेंसी चलाता था।

लॉकडाउन के दौरान कारोबार में नुकसान होने के बाद वह कर्ज में डूब गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपना मकान भी बेच दिया था, लेकिन इसके बावजूद करीब 10 लाख रुपये की देनदारी बाकी थी। बताया गया कि उसने शिल्पा के भाई से भी रुपये उधार लिए थे।
इसी बीच खजानी देवी को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी और वह इस रिश्ते से नाराज थी। उधार के रुपये और प्रेम संबंध को लेकर दोनों का मृतका से पहले भी विवाद हुआ था। घटना से दो दिन पहले 19 सितंबर को भी शिवनारायण और शिल्पा खजानी देवी से मिलने पहुंचे थे, जहां विवाद हुआ था।

घर में अकेली होने का समय जानती थी बेटी
पुलिस के अनुसार शिल्पा को खजानी देवी के रोजाना घर लौटने के समय की जानकारी थी। उसे पता था कि सुबह करीब आठ बजे के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे तक उसकी मां घर में अकेली रहती है। इसी समय को हत्या के लिए चुना गया। पुलिस के मुताबिक 21 सितंबर को शिवनारायण हत्या की नीयत से खजानी देवी के घर पहुंचा। आरोप है कि मौका देखकर उसने खजानी देवी की गला दबाकर हत्या कर दी और मकान पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। बाद में उसने शिल्पा को घटना की जानकारी दी। शिल्पा के कहने पर वह हरिद्वार स्थित शांति कुंज में जाकर छिप गया।
शांति कुंज से गिरफ्तार हुआ आरोपी प्रेमी
जांच के दौरान पुलिस को शिवनारायण का मोबाइल फोन बंद मिला और उसके लगातार ठिकाने बदलने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने हरिद्वार स्थित शांति कुंज से शिवनारायण पाण्डे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने शिल्पा के कहने पर खजानी देवी की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने शिल्पा थापा को शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार मोतीचूर से गिरफ्तार कर लिया।
बाथरूम में मिली थी बुजुर्ग महिला की लाश
22 सितंबर को मृतका के पुत्र संजय पुण्डीर ने थाना रायवाला में तहरीर दी थी। तहरीर के मुताबिक 65 वर्षीय खजानी देवी शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार मोतीचूर स्थित किराये के मकान में अपनी छह वर्षीय पोती के साथ रहती थीं। 21 सितंबर को वह लापता थीं और मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था।
रात करीब 10:30 बजे गेट का ताला तोड़कर परिजन अंदर पहुंचे तो खजानी देवी बाथरूम में मृत अवस्था में मिलीं। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू (39) निवासी सम्राट कॉलोनी, ग्राम करोंदी, थाना भगवानपुर, हरिद्वार तथा शिल्पा थापा (36) पत्नी पंकज थापा, निवासी शहीद भगत सिंह कॉलोनी, नई बस्ती लाइनपार मोतीचूर, रायवाला शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शिवनारायण का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
पुलिस टीम ने दिन-रात एक कर सुलझाई गुत्थी
मामले के खुलासे में थानाध्यक्ष रायवाला उपनिरीक्षक मोहन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में एसएसआई विनोद कुमार, उपनिरीक्षक योगेश खुमरियाल, उपनिरीक्षक रघुबीर कप्रवाण, हेड कांस्टेबल प्रवीण सिंधु, कांस्टेबल नन्दकिशोर, अनित कुमार, हंसराज, विकास कुमार, अनिरुद्ध, मुकेश चौहान, धर्मालाल और मोनू मलिक शामिल रहे। इसके अलावा SOG ऋषिकेश टीम के कांस्टेबल नवनीत नेगी, मनोज कुमार, सोनी कुमार और महिला कांस्टेबल जमुना नेगी ने भी जांच में सहयोग किया।