महादेव मंदिर डबल मर्डर मिस्ट्री का 24 घंटे में खुलासा, गद्दी की रंजिश में दो साधुओं की हत्या; तीन आरोपी गिरफ्तार
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हरिद्वार। जनपद के पथरी थाना क्षेत्र स्थित शिवगढ़ महादेव मंदिर में दो साधुओं की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। मंदिर की गद्दी को लेकर लंबे समय से चल रही रंजिश ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें दो साधुओं की बेरहमी से हत्या कर उनके शव आश्रम परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल चौथे आरोपी की तलाश लगातार जारी है।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शिवगढ़ महादेव मंदिर में दो साधुओं की हत्या की सूचना मिलते ही थाना पथरी पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कराया। एफएसएल टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

एसएसपी ने बताया कि थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार और सीआईयू रुड़की प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र शाह के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए काठा पीर के जंगल में दबिश दी, जहां से अंकुर उर्फ अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मृतक पारसगिरी द्वारा सेवागिरी को मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाए जाने से वे नाराज थे। इसी रंजिश में चारों आरोपियों ने पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर धारदार 'पाठल' से सेवागिरी की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद पारसगिरी पर भी जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को आश्रम परिसर में गड्ढा खोदकर दफना दिया। वारदात के दौरान फैले खून के निशानों को मिटाने के लिए हाल की सफाई की गई और खून से सना गद्दा बाहर ले जाकर जला दिया गया। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जाते समय उन्होंने मंदिर में मौजूद एक व्यक्ति को भी धमकाया और अपना मोबाइल व सिम कार्ड नष्ट कर कहीं दूर चले जाने की सलाह दी।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो फावड़े और एक धारदार 'पाठल' बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42 वर्ष), निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, थाना पथरी।
आशु (37 वर्ष), निवासी इस्माईलपुर, थाना लक्सर।
राममिलन (38 वर्ष), मूल निवासी उत्तरकाशी, वर्तमान निवासी करनाल (हरियाणा)।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
पूरे ऑपरेशन में थाना पथरी पुलिस, सीआईयू रुड़की और एसटीएफ एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से बेहद कम समय में इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।