Jwalapur:- आरोपी को छुड़ाने के लिए पुलिस टीम पर हमला, थार से मारी टक्कर, दारोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल..
हरिद्वार। धोखाधड़ी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर वापस ले जा रही मुजफ्फरनगर पुलिस टीम पर हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी के बेटे और उसके साथियों ने थार और स्कॉर्पियो से पुलिस वाहन को निशाना बनाते हुए कई बार टक्कर मारी। हमले में एक दरोगा, एक सिपाही और एक महिला कांस्टेबल घायल हो गए। समय रहते ज्वालापुर पुलिस के पहुंचने से पुलिस टीम की जान बच सकी।
मुजफ्फरनगर के थाना छपार में तैनात दारोगा अनुराग सिंह अपनी टीम—सिपाही मोहित, अनिल कुमार और महिला सिपाही प्राची—के साथ धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी संजय निवासी सुभाष नगर, ज्वालापुर की तलाश में हरिद्वार पहुंचे थे। ज्वालापुर कोतवाली में आमद दर्ज कराने के बाद टीम आरोपी के घर पहुंची, जहां वह मौजूद नहीं मिला। इस दौरान उसके बेटे ईशांत को मुकदमे की जानकारी दी गई।
कुछ समय बाद संजय त्रिमूर्ति बाजार की ओर से आता दिखाई दिया। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस से सहयोग नहीं किया। तभी उसका बेटा ईशांत अपने साथियों के साथ थार गाड़ी से मौके पर पहुंच गया और पुलिस से अभद्रता करने लगा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने संजय को हिरासत में ले लिया।
पुलिस टीम जब संजय को लेकर मुजफ्फरनगर रवाना हुई, तो रास्ते में ईशांत की थार और एक काले रंग की स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने पुलिस वाहन का पीछा शुरू कर दिया। भूमानंद अस्पताल के पास जान से मारने की नीयत से पुलिस वाहन में कई बार टक्कर मारी गई। इस हमले में दारोगा अनुराग सिंह, महिला कांस्टेबल प्राची और सिपाही अनिल घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली के एसएसआई खेमेन्द्र गंगवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घिरी हुई मुजफ्फरनगर पुलिस को आरोपियों से सुरक्षित निकाला। मामले में ईशांत पुत्र संजय, शिवम मलिक पुत्र अनुज, अमन पुत्र गजेन्द्र, अनुज मलिक, कुणाल त्यागी और अनिरुद्ध सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि ईशांत, शिवम मलिक और अमन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अनिरुद्ध समेत अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।


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