कलयुगी पिता गिरफ्तार, बेटियों से दुष्कर्म व छेड़छाड़ का आरोप

कलयुगी पिता गिरफ्तार, बेटियों से दुष्कर्म व छेड़छाड़ का आरोप


हरिद्वार। धनपुरा, थाना पथरी निवासी एक महिला ने 18 मई 2026 को थाना पथरी पहुंचकर अपने पति शहजाद पुत्र नजाकत के खिलाफ तहरीर दाखिल की। महिला ने बताया कि उसका पति लंबे समय से घर में ही हैवानियत की सभी हदें पार कर रहा था।
पीड़िता के अनुसार आरोपी शहजाद अपनी 15 वर्षीया बड़ी बेटी के साथ लगातार दुष्कर्म करता आ रहा था। वहीं 14 वर्षीया छोटी बेटी के साथ भी छेड़छाड़ कर जबरदस्ती का प्रयास किया गया।

 घर की चारदीवारी के भीतर यह सिलसिला चलता रहा और पत्नी के विरोध करने पर उसके साथ भी मारपीट की जाती थी तथा जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। आखिरकार परिजनों ने हिम्मत जुटाई और थाने का दरवाजा खटखटाया।
तत्काल दर्ज हुआ मुकदमा, लगीं POCSO समेत कई गंभीर धाराएं
मामले की संगीनता को भांपते हुए थाना पथरी पुलिस ने बिना देर किए मु.अ.स. 257/26 के तहत मुकदमा दर्ज किया और उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचित किया।
आरोपी पर निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया गया —
BNS धारा 64(2)(ड) व 64(2)(च) — दुष्कर्म संबंधी प्रावधान
BNS धारा 115(2) — स्वेच्छया घोर उपहति
BNS धारा 351(3) — आपराधिक धमकी
BNS धारा 75(2) — घरेलू हिंसा
POCSO अधिनियम धारा 3(क)/4(2) व 5(ठ)(ढ)/6 — नाबालिग से दुष्कर्म व गंभीर यौन उत्पीड़न
मुखबिर की सूचना पर कसा शिकंजा, सड़क पर ही दबोचा
मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में हर संभावित स्थान पर दबिश देना शुरू कर दिया। 19 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी घिस्सुपुरा से पथरी जाने वाले सड़क मार्ग पर है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शहजाद को रंगे हाथ घेरकर गिरफ्तार कर लिया। विधिक कार्यवाही पूरी कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस पुलिस टीम ने दिखाई तत्परता
त्वरित गिरफ्तारी में थाना पथरी की निम्न पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही —
उ.नि. विपिन कुमार
म.उ.नि. शाहिदा परवीन
कां. अजीत तोमर
कां. अनिल पंवार
पुलिस की फुर्ती को सराहना, पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद
थाना पथरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में चारों ओर सराहना हो रही है। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया है कि नाबालिगों के साथ अपराध करने वालों को कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है। पीड़ित परिवार अब न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा की उम्मीद लगाए बैठा है।