बाइक चोर गैंग का भंडाफोड़, दो शातिर गिरफ्तार, 10 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद, SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने किया खुलासा..
हरिद्वार: ज्वालापुर पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं पर बड़ा प्रहार करते हुए अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 10 बाइक और स्कूटी बरामद की हैं। आरोपी हरिद्वार और देहरादून के अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन चोरी कर उन्हें नहर पटरी के किनारे स्थित एक खंडहर में छिपाकर रखते थे। पुलिस की सख्त चेकिंग और सुरागरसी के चलते आखिरकार चोरी का यह पूरा खेल सामने आ गया।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने ज्वालापुर कोतवाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती 5 मार्च को शुभम कुमार निवासी इमलीखेड़ा थाना पिरान कलियर ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए ज्वालापुर पुलिस को जल्द खुलासे के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ संदिग्धों से पूछताछ और लगातार चेकिंग अभियान चलाया।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल की अगुवाई में 9 मार्च को नहर पटरी रेगुलेटर पुल के पास चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों को चोरी की बाइक के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बाइक चोरी की वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर पुरानी कांवड़ पटरी के पास स्थित एक खंडहर से चोरी की 8 मोटरसाइकिल और 2 स्कूटी बरामद की गईं, जिन्हें हरिद्वार और देहरादून के अलग-अलग स्थानों से चोरी किया गया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोसिन पुत्र जान आलम और गुल्सान पुत्र बलीन, निवासी ग्राम गाडोवाली थाना पथरी, हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन वाहन चोरी में माहिर बताए जा रहे हैं। मोसिन राजमिस्त्री का काम करता है, जबकि गुल्सान ई-रिक्शा मैकेनिक है। बरामद वाहनों में कई बाइक देहरादून के विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित पाई गई हैं। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटा रही है और उनके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, चौकी बाजार प्रभारी उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, उपनिरीक्षक मनीष भंडारी, उपनिरीक्षक गम्भीर तोमर, कांस्टेबल गणेश तोमर, कांस्टेबल रवि चौहान, कांस्टेबल कपिल गोला, कांस्टेबल आलोक नेगी, कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल मनोज डोभाल और कांस्टेबल अंकुर चौधरी शामिल रहे।





