हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण: सुराज सेवादल ने उठाए जांच पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग(देखे वीडियो)
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देहरादून: हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण को लेकर सुराज सेवादल ने सरकार की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि वास्तविक दोषियों तक कार्रवाई नहीं पहुंच पाई है।

सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि सरकार द्वारा की गई कार्रवाई मामले की गंभीरता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल एक अधिकारी की बर्खास्तगी और एक पीसीएस अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकना पर्याप्त कदम नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम से संबंधित पत्रावलियों के निस्तारण, परीक्षण और अनुमोदन प्रक्रिया में शामिल कई अधिकारियों की भूमिका की समुचित जांच नहीं की गई। साथ ही तत्कालीन राजस्व अधिकारियों, पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट में इन पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है।

रमेश जोशी ने यह भी कहा कि भूमि प्रकरण में प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नियमों की अनदेखी की गई, जिसकी गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने स्टांप वेंडर के खाते में जमा धनराशि की जांच न होने पर भी सवाल उठाए।

संगठन ने नगर निगम को हुए कथित वित्तीय नुकसान की भरपाई और संबंधित धनराशि की वसूली को लेकर भी रिपोर्ट में स्पष्ट कार्ययोजना न होने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे यह संदेह पैदा होता है कि मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्य अभी भी सामने नहीं आए हैं।

रमेश जोशी ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो जनता के टैक्स के पैसे की वसूली मुश्किल हो जाएगी और जिम्मेदारी तय नहीं हो पाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की दोबारा जांच वरिष्ठ और ईमानदार अधिकारियों की स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
सुराज सेवादल ने साफ किया कि यदि पारदर्शी जांच नहीं हुई तो संगठन जनहित में आगे भी आंदोलन और आवाज उठाता रहेगा।