7 माह के अपहृत मासूम को कलियर पुलिस ने सकुशल किया बरामद, भीख मंगवाने के लिए रची गई थी साजिश
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पिरान कलियर। कलियर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत 7 माह के अपहृत मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर अपहरण की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया है। दरगाह परिसर से अपहृत किए गए बच्चे को पुलिस ने मात्र चार दिनों के भीतर लक्सर रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर लिया। मामले में एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने बच्चे का इस्तेमाल भीख मांगकर पैसे कमाने के उद्देश्य से अपहरण की साजिश रची थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल बच्चे की सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए थे। एसपी देहात के पर्यवेक्षण और सीओ भगवानपुर के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से लगातार प्रयास करते हुए मामले का सफल खुलासा किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर एसएसपी ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई।
पुलिस के अनुसार 7 जून 2026 को कलसूम खातून निवासी सीतामढ़ी (बिहार), हाल निवासी दरगाह परिसर कलियर ने सूचना दी थी कि नमाज के दौरान उनका 7 माह का नाती मोहम्मद अली रजा अचानक लापता हो गया। सूचना मिलते ही थाना पिरान कलियर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने दरगाह परिसर, रुड़की रोड, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और बाजार क्षेत्रों में लगे करीब 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को गोद में लेकर जाता दिखाई दिया। वहीं एक विकलांग महिला की वैशाखियां और बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां पुलिस के लिए महत्वपूर्ण पहचान का आधार बनीं।
लगातार जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस 11 जून को लक्सर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, जहां एक विकलांग महिला बच्चे को गोद में लेकर भीख मांगती मिली। पुलिस ने मौके पर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और महिला के साथ मौजूद उसके साथी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और भीख मांगकर गुजर-बसर करते थे। दरगाह परिसर में उन्होंने देखा कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को अधिक पैसे मिलते हैं। इसी लालच में उन्होंने मानसिक रूप से कमजोर महिला के बच्चे को निशाना बनाया और करीब एक सप्ताह तक रेकी करने के बाद अपहरण की वारदात को अंजाम दिया।

गिरफ्तार आरोपी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा (22 वर्ष) निवासी गोल्डन कॉलोनी, लंढौरा तथा उसकी महिला साथी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। बच्चे के सकुशल मिलने के बाद परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई है।
गिरफ्तार आरोपी
समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा पुत्र नूर आलम, निवासी गोल्डन कॉलोनी, लंढौरा, कोतवाली मंगलौर, हरिद्वार
एक महिला अभियुक्ता (उम्र 45 वर्ष)
पुलिस टीम
सीओ प्रभारी कोतवाली पिरान कलियर दिव्येश उपाध्याय, निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, निरीक्षक रविन्द्र शाह, उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट, उपनिरीक्षक शहजाद अली, उपनिरीक्षक विनोद गोला सहित एसओजी और कोतवाली कलियर की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। :::