कट्टे में बंद लाश का सनसनीखेज खुलासा: 8 दिन बाद ‘ब्लाइंड मर्डर’ सुलझा, पति ही निकला कातिल
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में जंगल में कट्टे में मिली अज्ञात महिला की लाश का राज आखिरकार पुलिस ने खोल दिया। करीब आठ दिन तक उलझी रही इस मर्डर मिस्ट्री ने चौंकाने वाला मोड़ तब लिया, जब जांच में सामने आया कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पहले पति ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि 11 मार्च 2026 को मॉडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर के पास जंगल में एक महिला का शव सफेद प्लास्टिक के कट्टे में बरामद हुआ था। शव कई दिन पुराना होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर 8 टीमों का गठन किया। टीमों ने घटनास्थल के आसपास सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

इसके बाद पुलिस ने रणनीति बदलते हुए महिला के पहनावे और हुलिये के आधार पर झुग्गी-बस्तियों में बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। 30 से अधिक बस्तियों में करीब 5000 लोगों से पूछताछ की गई। साथ ही पंपलेट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी महिला की पहचान कराने की कोशिश जारी रही।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में एक मजदूर पर शक हुआ, जिसकी पत्नी अचानक लापता थी। ठेकेदार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी रंजीत शर्मा तक पहुंची और भाटोवाला क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने अपनी पहली पत्नी रूपा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को कट्टे में डालकर चार दिन तक कमरे में छिपाकर रखा और बाद में मोटरसाइकिल से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया।

जांच में सामने आया कि मृतका रूपा चार साल पहले किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी, जबकि आरोपी ने दूसरी शादी कर ली थी। करीब एक साल पहले रूपा फिर से उसके संपर्क में आई और फरवरी 2026 में अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून आकर रहने लगी। इस दौरान वह आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और आखिरकार आरोपी ने हत्या कर दी।

पुलिस के अनुसार, महिला की पहचान न हो पाने के कारण आरोपी खुद को सुरक्षित समझ रहा था और फरार होने की कोशिश भी नहीं कर रहा था। हालांकि पुलिस की लगातार मेहनत और सटीक रणनीति ने इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ का पर्दाफाश कर दिया।
मामले के सफल खुलासे पर आईजी गढ़वाल रेंज द्वारा पुलिस टीम को 5000 रुपये और एसएसपी देहरादून द्वारा 2500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।





