कब्रिस्तान कमेटी को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश, फर्जी मौत दिखाकर मांगी 50 हजार की रंगदारी
हरिद्वार। हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र स्थित सुभाषनगर कब्रिस्तान से जुड़े सनसनीखेज मामले में कब्रिस्तान प्रबंधन को झूठे केस में फंसाने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कथित पत्रकार समेत तीन नामजद और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सार्वजनिक कब्रिस्तान सुभाषनगर प्रबंध समिति के सचिव वाजिद अली ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि रानीपुर क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पीछे स्थित वक्फ कब्रिस्तान में सभी बिरादरियों के शव निशुल्क दफनाए जाते हैं। आरोप है कि कुछ लोग कब्रिस्तान की छवि खराब कर प्रबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार बाबर खान, फैजान उर्फ सोनू, साजिद और अन्य लोगों ने सुनियोजित तरीके से मृत्यु पंजीकरण रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर करवाए। आरोप है कि साजिद ने अपनी मां सगीरन को मृत दिखाकर उनके पहचान पत्रों की प्रतियां लगाईं और फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान के जरिए कब्रिस्तान की रसीद हासिल करने का प्रयास किया। जांच में सामने आया कि जिस महिला को मृत बताया गया था, वह जीवित है।
प्रबंधन का आरोप है कि आरोपी खुद को पत्रकार बताकर लगातार दबाव बना रहे थे। उनसे कहा गया कि या तो रसीद जारी करें या 50 हजार रुपये दें, वरना सोशल मीडिया पर बदनाम कर दिया जाएगा। रुपये देने से इनकार करने पर फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब पर भ्रामक पोस्ट और वीडियो वायरल किए गए। कुछ समाचार पत्रों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी खबरें फैलाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि कब्रिस्तान और उसके गेट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर समुदाय विशेष में भ्रम और तनाव फैलाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
रानीपुर कोतवाली प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।






