एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के “ऑपरेशन प्रहार” में बड़ी कामयाबी, 78 लाख की स्मैक के साथ कुख्यात तस्कर “हसीन उर्फ तोता” गिरफ्तार

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के “ऑपरेशन प्रहार” में बड़ी कामयाबी, 78 लाख की स्मैक के साथ कुख्यात तस्कर “हसीन उर्फ तोता” गिरफ्तार
रुड़की/मंगलौर: जनपद हरिद्वार में नशा तस्करों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर मंगलौर कोतवाली पुलिस और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कुख्यात नशा तस्कर हसीन उर्फ तोता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 260 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 78 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर के नेतृत्व में की गई, जिसे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पूरे जनपद में नशा तस्करों, अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार शाम मंगलौर क्षेत्र में पुलिस टीम वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी।

इस दौरान एक मोटरसाइकिल सवार युवक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी की पहचान हसीन उर्फ तोता पुत्र सईद निवासी ग्राम लादपुर कला, थाना लक्सर (हरिद्वार) के रूप में हुई।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और मोटरसाइकिल के जरिए स्मैक की सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया है।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की जानकारी जुटाई जा रही है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम:
प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर, उपनिरीक्षक अशोक सिरस्वाल, अपर उपनिरीक्षक अश्वनी यादव (सीआईयू रुड़की), हेड कांस्टेबल शूरबीर सिंह, हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी (सीआईयू रुड़की), कांस्टेबल राहुल नेगी (सीआईयू रुड़की), कांस्टेबल रविन्द्र खत्री, कांस्टेबल मनीष, कांस्टेबल महिपाल सिंह (सीआईयू रुड़की) तथा कांस्टेबल अजय काला (सीआईयू रुड़की) शामिल रहे।