"यूजीसी नीतियों के खिलाफ देहरादून में गरजा सुराज सेवा दल, सड़कों पर फूटा जनआक्रोश..

देहरादून: यूजीसी की नीतियों के विरोध में सुराज सेवा दल ने बुधवार को राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि यूजीसी के माध्यम से ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने के बजाय समाज में भ्रम और असंतोष पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय को वोट बैंक की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है।

रमेश जोशी ने कहा कि यदि किसी वर्ग के अधिकारों को लेकर सरकार को चिंता थी तो पहले से मौजूद व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए था, लेकिन नई नीतियों के जरिए समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने समय रहते इन फैसलों पर पुनर्विचार नहीं किया तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।

संगठन के नेताओं ने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़क जैसे मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाकर सरकार सामाजिक विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। उनका आरोप है कि यूजीसी की मौजूदा नीति समाज को जातिगत आधार पर बांटने की दिशा में ले जा रही है, जो देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।

सुराज सेवा दल ने साफ किया कि यूजीसी के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में जनप्रतिनिधियों से समर्थन मांगा जाएगा और जो प्रतिनिधि समर्थन नहीं करेगा, उसके खिलाफ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।

प्रदर्शन में रमेश जोशी, देवेंद्र बिष्ट, विपिन, कमल धामी, हिमांशु धामी, दिव्यांश बिष्ट, विजेंद्र, दीपक राणा, अमित राणा, लालमणि भारद्वाज, कावेरी जोशी, पूजा बिष्ट, पूजा नेगी, संगीता नेगी, सुचेत अग्रवाल, यश शर्मा, राकेश दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।