शहरी विकास क्षेत्र में शामिल कलियर, फिर भी ग्रामीण कटौती जैसी बिजली व्यवस्था!
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
पिरान कलियर। नगर पंचायत कलियर के शहरी विकास क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद यहां बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। हाल के दिनों में नगर में पूर्व ग्रामीण क्षेत्र की भांति ही बिजली का संचालन किया जा रहा है, जिसके चलते नगरवासियों को लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली गुल होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

नगर क्षेत्र में लगातार हो रही रोस्टिंग और अघोषित बिजली कटौती ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से जहां घरों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

इसी गंभीर समस्या को लेकर नगर पंचायत के सभासद नाजिम त्यागी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार हो सके।

सभासद नाजिम त्यागी ने कहा कि जब कलियर नगर पंचायत को शहरी विकास क्षेत्र में शामिल किया जा चुका है, तो बिजली आपूर्ति की व्यवस्था भी शहरी क्षेत्र के अनुरूप होनी चाहिए। लेकिन वर्तमान में जिस तरह पूर्व ग्रामीण क्षेत्र की तर्ज पर बिजली का संचालन किया जा रहा है, उससे नगरवासियों को लगातार कटौती झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर कलियर में हो रही लगातार रोस्टिंग और अघोषित कटौती की जांच कराई जाए। साथ ही नगर क्षेत्र में नियमित, सुचारु और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

गर्मी में बढ़ी परेशानी, व्यापार भी प्रभावित
लगातार बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर भीषण गर्मी के बीच आम परिवारों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। बिजली नहीं होने के कारण घरों में पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण बंद हो जाते हैं, वहीं दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का कामकाज भी प्रभावित होता है। सभासद नाजिम त्यागी ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, न कि पुराने ग्रामीण क्षेत्र जैसी बिजली कटौती का सामना करना पड़े।
अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री स्तर से शिकायत का संज्ञान लेने के बाद कलियर की बिजली व्यवस्था में कब तक सुधार होता है और नगरवासियों को लगातार हो रही कटौती से कब राहत मिलती है।