हरिहर बांके बिहारी मंदिर के चंदे और व्यवस्थाओं पर विवाद, चार पदाधिकारियों पर मुकदमा
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हरिद्वार। नया हरिद्वार कॉलोनी स्थित हरिहर बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं और चंदे की रकम को लेकर विवाद सामने आया है। सोसायटी का पंजीकरण समाप्त होने के बावजूद मंदिर के नाम पर चंदा वसूलने और आय-व्यय का हिसाब नहीं देने के आरोप में चार पदाधिकारियों के खिलाफ ज्वालापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

नया हरिद्वार निवासी सुधाकर सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2014 में पांच साल के लिए हुआ था, जिसकी वैधता 16 नवंबर 2019 को समाप्त हो गई। आरोप है कि इसके बाद न तो सोसायटी के चुनाव कराए गए और न ही उसका नवीनीकरण कराया गया। इसके बावजूद श्यामबाबू शर्मा अध्यक्ष, राजीव त्यागी महामंत्री, सुभाष जांगड़ उपाध्यक्ष और केदारनाथ वर्मा कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य करते रहे।

शिकायतकर्ता के मुताबिक मंदिर के रखरखाव और धार्मिक आयोजनों के नाम पर करीब 150 लोगों से हर महीने 500 रुपये लिए जा रहे थे। इसके अलावा दान पेटियों से भी प्रतिमाह करीब 25 हजार रुपये प्राप्त होने का दावा किया गया है। आरोप है कि चंदे और दान से प्राप्त रकम के आय-व्यय का विवरण मांगने के बावजूद कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

सुधाकर सिंह ने करीब 16 लाख रुपये सोसायटी के बैंक खाते में जमा कर गबन किए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।