वोट कटवाने की साजिश तो नहीं? फॉर्म-7 की आपत्तियों पर कांग्रेस ने खोला मोर्चा
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हरिद्वार। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म-7 के जरिए दर्ज कराई जा रही आपत्तियों को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस के सभी विधायकों ने बुधवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) जितेंद्र कुमार से मुलाकात कर आपत्तियों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।

कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि एक ही शिकायतकर्ता की ओर से पांच से अधिक फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं, जिससे यह आशंका पैदा हो रही है कि कहीं मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया का सुनियोजित तरीके से दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा।
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि फॉर्म-7 किसी मतदाता का नाम हटाने की साधारण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके लिए ठोस आधार और निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। उन्होंने संबंधित शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल सभी फॉर्म-7 की जांच कराए जाने की मांग की।

ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाने की कोशिश गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से प्रत्येक आपत्ति की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायकों ने कहा कि केवल फॉर्म-7 दाखिल हो जाने भर से किसी मतदाता का नाम हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़नी चाहिए। आपत्ति के आधार, शिकायतकर्ता की पात्रता और संबंधित मतदाता की वास्तविक स्थिति की पूरी जांच होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है, तो उसके खिलाफ कानूनी और संवैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

एडीएम जितेंद्र कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी आपत्तियों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं और यदि कोई शिकायतकर्ता नियमों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती, भगवानपुर विधायक ममता राकेश, कलियर विधायक फुरकान अहमद, ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर और लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद भी शामिल रहे।