हरिद्वार पुलिस ने बच्ची चोरी का खेल किया बेनकाब, 10 दिन बाद चार माह की मासूम सकुशल बरामद
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
हरिद्वार। गंगा घाट पर सो रहे परिवार के बीच से चार माह की मासूम बच्ची का अपहरण करने वाले शातिरों की साजिश को हरिद्वार पुलिस ने नाकाम कर दिया। करीब दस दिन की लगातार तलाश और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। मामले में एक स्वयंभू बाबा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची को लड़का समझकर उठा ले गए थे और उसे बेचने की फिराक में थे।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर बोले— बच्ची की बरामदगी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस वार्ता में बताया कि उत्तर प्रदेश के संभल निवासी पुष्पेंद्र 27 मई को अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। रात में विष्णुघाट के समीप हाथी पुल के पास परिवार विश्राम कर रहा था। सुबह उठने पर उनकी चार माह की बेटी गायब मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निगरानी स्वयं उनके द्वारा की जा रही थी और टीमों को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे कैमरों की जांच के दौरान एक संदिग्ध दंपत्ति पुलिस के रडार पर आया। फुटेज में दंपत्ति पहले एक बच्चे के साथ दिखाई दिया, जबकि अगले दिन दो बच्चों के साथ रोडवेज बस में बैठता नजर आया। जांच में पता चला कि दोनों धामपुर से ट्रेन के माध्यम से हावड़ा की ओर गए थे। पुलिस ने धामपुर और हावड़ा के बीच आने वाले 65 रेलवे स्टेशनों पर जानकारी जुटाई, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने हरिद्वार में उनके संभावित ठिकानों की तलाश शुरू की।
प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा और सीआईयू प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ब्रह्मपुरी क्षेत्र में झाड़-फूंक का काम करने वाले सत्यपाल उर्फ बाबा की झोपड़ी तक पहुंची। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर सत्यपाल के साथ इटावा निवासी लाल बहादुर और उसकी पत्नी प्रीति रानी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चार माह की मासूम बच्ची सकुशल बरामद कर ली गई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके एक परिचित दंपत्ति को बेटा चाहिए था और इसके बदले उन्हें तीन लाख रुपये मिलने थे। इसी लालच में उन्होंने हरिद्वार के घाटों से बच्चा चोरी करने की योजना बनाई। 27 मई की रात उन्होंने सो रहे परिवार के बीच से मासूम को लड़का समझकर उठा लिया। बाद में बच्ची होने का पता चलने पर वे उसे अपने गांव ले गए। इसके बाद किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की नीयत से दोबारा हरिद्वार पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में लगातार तीसरी बड़ी सफलता

पुलिस ने इस मामले में सैदाबाद निवासी सत्यपाल पुत्र विजय सिंह, नगरिया थाना जसवंत नगर जनपद इटावा निवासी लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल तथा उसकी पत्नी प्रीति रानी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गोपाल भट्ट, उपनिरीक्षक नवीन चौहान सहित पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लगातार तीसरे बच्चे की सकुशल बरामदगी के बाद आमजन हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व की सराहना कर रहे हैं। बच्चा चोरी के मामलों में लगातार मिल रही सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हरिद्वार पुलिस कठिन से कठिन चुनौती को भी अंजाम तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।