मोहर्रम पर रुड़की में गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल, ताजियों और अखाड़ों के जुलूस में उमड़ा जनसैलाब
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
रुड़की। मोहर्रम के अवसर पर रुड़की नगर में शनिवार को गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारे और सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। नगर के विभिन्न क्षेत्रों से ताजियों और अखाड़ों के जुलूस पारंपरिक मार्गों से होते हुए मुख्य बाजार और नहर पुल तक पहुंचे तथा देर शाम अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा सबीलें लगाकर सभी समुदायों के लोगों को शर्बत और ठंडे पानी का वितरण किया गया।

इमली रोड स्थित महिगिरान इमामबाड़े से शिया समुदाय के सैकड़ों अकीदतमंदों ने मातम, नौहाख्वानी और मरसियों के साथ ताजिया निकाला। कर्बला पहुंचकर हज़रत पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इमली रोड पर अंजुमन अखाड़ा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीओ कलियर भगवानपुर सुमित पांडेय ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने इंसाफ, इंसानियत, ईमानदारी और अत्याचार के विरुद्ध अपनी जान की कुर्बानी दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध ने सत्य, धर्म और मानवता का संदेश दिया, उसी प्रकार इमाम हुसैन का बलिदान भी सत्य और न्याय की रक्षा का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म शांति, प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारे का संदेश देते हैं तथा मोहर्रम भी मानवता और सामाजिक एकता की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी ईश्वर लाल शास्त्री ने की। संयुक्त अखाड़ा परिषद के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलोरी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि मोहर्रम, कांवड़ यात्रा, होली, दीपावली और दशहरा जैसे पर्व भारत की साझा संस्कृति और सर्वधर्म समभाव की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि भारत सदैव "वसुधैव कुटुंबकम" और आपसी सौहार्द का संदेश पूरे विश्व को देता आया है।

शिया समुदाय की ओर से मौलाना हसन हैदर, हसनैन जाफरी, नसीम हैदर, शानू अली, अब्बास हैदर और मोहम्मद रज़ा सहित अन्य वक्ताओं ने हज़रत इमाम हुसैन की शहादत के संदेश पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर साबरी अखाड़ा, अकबरी अखाड़ा, शान-ए-अकबरी अखाड़ा, इंडियन अंजुमन अखाड़ा तथा अंबर तालाब ताजिया कमेटी सहित विभिन्न अखाड़ों ने पारंपरिक प्रदर्शन किए।

इंडियन अंजुमन अखाड़ा की ओर से प्रणय प्रताप सिंह, सलमान फ़रीदी, अकरम अली, मोहसिन अल्वी, राजू शास्त्री, चौधरी अब्दुल मलिक, साबिर खलीफ़ा, इरशाद, इमरान नईम, रिज़वान, सलीम अहमद और नफीसुल हसन ने पुलिस अधिकारियों, खलीफाओं, उस्तादों एवं अतिथियों का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया।