कानून व्यवस्था को लेकर सुराज सेवा दल का डीजीपी कार्यालय घेराव, डीजीपी के इस्तीफे की उठाई मांग (देखे वीडियो)
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में शनिवार को सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने देहरादून स्थित डीजीपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।
सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में हत्या, लूट, बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम जनता में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सांप्रदायिक तनाव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि पुलिस नेतृत्व अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के बजाय निर्दोष और कमजोर लोगों पर मुकदमे दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कर्णप्रयाग की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकरण ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप था कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को मुकदमों का भय दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधरी तो प्रदेश में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
रमेश जोशी ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आम जनता, बेरोजगार युवाओं और उत्तराखंड के लोगों पर लाठीचार्ज, मुकदमे और गिरफ्तारियों जैसी कार्रवाइयों से भय का वातावरण बन रहा है। उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है और मूकदर्शक बना हुआ है।
सुराज सेवा दल ने मांग की कि डीजीपी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कानून व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
प्रदर्शन में संगठन के महामंत्री देवेंद्र बिष्ट, जिला अध्यक्ष सुमिता अग्रवाल, सागर वर्मा, हिमांशु धामी, विजेंद्र, राजेश थापा, मोनू, लालमढ़ी भारद्वाज, अमिता अग्रवाल, दिव्यांश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।